menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ८८
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
राष्ट्रगुप्तिं च ते सम्यग्राष्ट्रस्यैव च सङ्ग्रहम् |  २   क
हन्त सर्वं प्रवक्ष्यामि तत्त्वमेकमनाः शृणु ||  २   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति