menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ८८
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
सर्वत्र क्षेमचरणं सुलभं तात गोमिभिः |  ३८   क
न ह्यतः सदृशं किञ्चिद्धनमस्ति युधिष्ठिर ||  ३८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति