menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ८८
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
अथाभ्यगच्छद्गोविन्दो वृष्णिभिः सह धर्मजम् |  ४   क
वलदेवं पुरस्कृत्य सर्वप्राणभृतां वरः ||  ४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति