menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
उद्योग पर्व
अध्याय ३३
chevron_left
chevron_right
विदुर उवाच
यः सर्वभूतप्रशमे निविष्टः; सत्यो मृदुर्दानकृच्छुद्धभावः |  १०१   क
अतीव सञ्ज्ञाय़ते ज्ञातिमध्ये; महामणिर्जात्य इव प्रसन्नः ||  १०१   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति