menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय ११९
chevron_left
chevron_right
जनमेजय़ उवाच
ते हि सर्वे महात्मानः सर्वशास्त्रविशारदाः |  २   क
वृष्णय़ः पाण्डवाश्चैव सुहृदश्च परस्परम् ||  २   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति