आदि पर्व  अध्याय ९

सूत उवाच

धर्मराजाय़ुषोऽर्धेन रुरोर्भार्या प्रमद्वरा |  १३   क
समुत्तिष्ठतु कल्याणी मृतैव यदि मन्यसे ||  १३   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति