menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
सौप्तिक पर्व
अध्याय ९
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
इति श्रुत्वा स नृपतिः पुत्रज्ञातिवधं तदा |  ५९   क
निःश्वस्य दीर्घमुष्णं च ततश्चिन्तापरोऽभवत् ||  ५९   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति