menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय ११
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
तौ गदानिहतैर्गात्रैः क्षणेन रुधिरोक्षितौ |  १५   क
प्रेक्षणीय़तरावास्तां पुष्पिताविव किंशुकौ ||  १५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति