menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ९
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
वानराः पक्षिणश्चैव ये मनुष्यानुकारिणः |  २३   क
सर्वे मन्त्रगृहे वर्ज्या ये चापि जडपङ्गुकाः ||  २३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति