menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
विराट पर्व
अध्याय ९
chevron_left
chevron_right
विराट उवाच
त्वं व्राह्मणो यदि वा क्षत्रिय़ोऽसि; समुद्रनेमीश्वररूपवानसि |  ६   क
आचक्ष्व मे तत्त्वममित्रकर्शन; न वैश्यकर्म त्वय़ि विद्यते समम् ||  ६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति