अनुशासन पर्व  अध्याय २५

भीष्म उवाच

व्यासमामन्त्र्य राजेन्द्र पुरा यत्पृष्टवानहम् |  २   क
तत्तेऽहं सम्प्रवक्ष्यामि तदिहैकमनाः शृणु ||  २   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति