menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
उद्योग पर्व
अध्याय ९
chevron_left
chevron_right
शल्य उवाच
ततो जग्राह देवेन्द्रं वृत्रो वीरः शतक्रतुम् |  ४६   क
अपावृत्य स जग्रास वृत्रः क्रोधसमन्वितः ||  ४६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति