द्रोण पर्व  अध्याय ९

वैशम्पाय़न उवाच

वलिनं सत्यकर्माणमदीनमपराजितम् |  ३१   क
वासुदेवसमं युद्धे वासुदेवादनन्तरम् ||  ३१   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति