menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय ९
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
अथैनं छिन्नधन्वानं रुक्मपुङ्खैः शिलाशितैः |  १३   क
त्रिभिः शरैरसम्भ्रान्तो ललाटे वै समर्पय़त् ||  १३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति