अनुशासन पर्व  अध्याय ९१

भीष्म उवाच

स्तोतव्या चेह पृथिवी निवापस्येह धारिणी |  २५   क
वैष्णवी काश्यपी चेति तथैवेहाक्षय़ेति च ||  २५   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति