menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ९१
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
राजभ्योऽपि ततः प्रादाद्रत्नानि विविधानि च |  ३१   क
गजानश्वानलङ्कारान्स्त्रिय़ो वस्त्राणि काञ्चनम् ||  ३१   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति