विराट पर्व  अध्याय ८

द्रौपद्यु उवाच

मालिनीत्येव मे नाम स्वय़ं देवी चकार सा |  १९   क
साहमभ्यागता देवि सुदेष्णे त्वन्निवेशनम् ||  १९   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति