menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय ९१
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
मनो ह्यदुष्टं शूराणां पर्याप्तं वै नराधिप |  २१   क
मैत्रीं वुद्धिं समास्थाय़ शुद्धास्तीर्थानि गच्छत ||  २१   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति