menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय १८३
chevron_left
chevron_right
भृगुरु उवाच
शारीरैर्मानसैर्दुःखैः सुखैश्चाप्यसुखोदय़ैः |  ६   क
लोकसृष्टिं प्रपश्यन्तो न मुह्यन्ति विचक्षणाः ||  ६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति