menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आदि पर्व
अध्याय ९२
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
स राजा शन्तनुर्धीमान्ख्यातः पृथ्व्यां धनुर्धरः |  २४   क
वभूव मृगय़ाशीलः सततं वनगोचरः ||  २४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति