आदि पर्व  अध्याय ९२

वैशम्पाय़न उवाच

स कदाचिन्महाराज ददर्श परमस्त्रिय़म् |  २६   क
जाज्वल्यमानां वपुषा साक्षात्पद्मामिव श्रिय़म् ||  २६   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति