menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आदि पर्व
अध्याय ९२
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
स तस्याः शीलवृत्तेन रूपौदार्यगुणेन च |  ३८   क
उपचारेण च रहस्तुतोष जगतीपतिः ||  ३८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति