menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय ९२
chevron_left
chevron_right
लोमश उवाच
वर्धत्यधर्मेण नरस्ततो भद्राणि पश्यति |  ४   क
ततः सपत्नाञ्जय़ति समूलस्तु विनश्यति ||  ४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति