menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ९२
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
विमुञ्चन्तौ शरांस्तीक्ष्णान्सन्दधानौ च साय़कान् |  ११   क
अदृश्यं समरेऽन्योन्यं चक्रतुस्तौ महारथौ ||  ११   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति