menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ९३
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
व्यूहस्यैव पुनर्द्वारं गत्वा द्रोणो व्यवस्थितः |  ३३   क
वाताय़मानैस्तैरश्वैर्हृतो वृष्णिशरार्दितैः ||  ३३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति