menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आदि पर्व
अध्याय ९४
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
स च तं प्रत्युवाचेदं दाशराजो महीपतिम् |  ४७   क
जातमात्रैव मे देय़ा वराय़ वरवर्णिनी |  ४७   ख
हृदि कामस्तु मे कश्चित्तं निवोध जनेश्वर ||  ४७   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति