menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आदि पर्व
अध्याय ९४
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
नाकामय़त तं दातुं वरं दाशाय़ शन्तनुः |  ५२   क
शरीरजेन तीव्रेण दह्यमानोऽपि भारत ||  ५२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति