menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
अनुशासन पर्व
अध्याय १०५
chevron_left
chevron_right
धृतराष्ट्र उवाच
स्वाध्याय़शीला गुरुशुश्रूषणे रता; स्तपस्विनः सुव्रताः सत्यसन्धाः |  ३३   क
आचार्याणामप्रतिकूलभाषिणो; नित्योत्थिता गुरुकर्मस्वचोद्याः ||  ३३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति