menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ९४
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
आगमेनैव ते यज्ञं कुर्वन्तु यदि हेच्छसि |  १५   क
विधिदृष्टेन यज्ञेन धर्मस्ते सुमहान्भवेत् ||  १५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति