menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ९४
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
श्रूय़न्ते हि पुरा विप्रा विश्वामित्रादय़ो नृपाः |  ३२   क
विश्वामित्रोऽसितश्चैव जनकश्च महीपतिः |  ३२   ख
कक्षसेनार्ष्टिषेणौ च सिन्धुद्वीपश्च पार्थिवः ||  ३२   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति