menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ९४
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
व्राह्मणाः क्षत्रिय़ा वैश्याः शूद्रा ये चाश्रितास्तपः |  ३४   क
दानधर्माग्निना शुद्धास्ते स्वर्गं यान्ति भारत ||  ३४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति