वन पर्व  अध्याय ९४

लोमश उवाच

सा तत्र जज्ञे सुभगा विद्युत्सौदामिनी यथा |  १९   क
विभ्राजमाना वपुसा व्यवर्धत शुभानना ||  १९   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति