उद्योग पर्व  अध्याय ९४

राम उवाच

ततो राजा तय़ोः पादावभिवाद्य महात्मनोः |  ३५   क
प्रत्याजगाम स्वपुरं धर्मं चैवाचिनोद्भृशम् ||  ३५   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति