उद्योग पर्व  अध्याय ९४

वैशम्पाय़न उवाच

राजा दम्भोद्भवो नाम सार्वभौमः पुराभवत् |  ५   क
अखिलां वुभुजे सर्वां पृथिवीमिति नः श्रुतम् ||  ५   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति