menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ३०
chevron_left
chevron_right
वासुदेव उवाच
न च तं भागिनेय़ाय़ पर्वताय़ महात्मने |  १७   क
शशंस मन्मथं तीव्रं व्रीडमानः स धर्मवित् ||  १७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति