menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
उद्योग पर्व
अध्याय ९५
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
इत्यामन्त्र्य सुधर्मां स कृत्वा चाभिप्रदक्षिणम् |  २१   क
कन्यां शिरस्युपाघ्राय़ प्रविवेश महीतलम् ||  २१   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति