menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
अनुशासन पर्व
अध्याय ९६
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
ते निश्चितास्तत्र महर्षय़स्तु; संमन्यन्तो धर्ममेवं नरेन्द्र |  १५   क
ततोऽशपञ्शपथान्पर्ययेण; सहैव ते पार्थिव पुत्रपौत्रैः ||  १५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति