अनुशासन पर्व  अध्याय ९६

अगस्त्य उवाच

आशीर्वादस्त्वय़ा प्रोक्तः शपथो वलसूदन |  ४६   क
दीय़तां पुष्करं मह्यमेष धर्मः सनातनः ||  ४६   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति