उद्योग पर्व  अध्याय ९६

कण्व उवाच

अवगाह्य ततो भूमिमुभौ मातलिनारदौ |  ६   क
ददृशाते महात्मानौ लोकपालमपां पतिम् ||  ६   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति