menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
भीष्म पर्व
अध्याय ९६
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
स निर्भिन्नः शरैर्घोरैर्भुजगैः कोपितैरिव |  ४१   क
अलम्वुसो भृशं राजन्नागेन्द्र इव चुक्रुधे ||  ४१   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति