आदि पर्व  अध्याय ९७

वैशम्पाय़न उवाच

जानामि चैव सत्यं तन्मदर्थं यदभाषथाः |  २१   क
आपद्धर्ममवेक्षस्व वह पैतामहीं धुरम् ||  २१   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति