अनुशासन पर्व  अध्याय ९७

भीष्म उवाच

आदत्ते रश्मिभिः सूर्यो दिवि विद्वंस्ततस्ततः |  २०   क
रसं स तं वै वर्षासु प्रवर्षति दिवाकरः ||  २०   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति