menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय ९७
chevron_left
chevron_right
अगस्त्य उवाच
तुष्टोऽहमस्मि कल्याणि तव वृत्तेन शोभने |  १८   क
विचारणामपत्ये तु तव वक्ष्यामि तां शृणु ||  १८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति