उद्योग पर्व  अध्याय ९७

नारद उवाच

अत्र भूतपतिर्नाम सर्वभूतमहेश्वरः |  १२   क
भूतय़े सर्वभूतानामचरत्तप उत्तमम् ||  १२   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति