उद्योग पर्व  अध्याय ९७

कण्व उवाच

मातलिस्त्वव्रवीच्छ्रुत्वा नारदस्याथ भाषितम् |  २०   क
न मेऽत्र रोचते कश्चिदन्यतो व्रज माचिरम् ||  २०   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति