menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ९७
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
तथैव कुरवः सर्वे नाश्मय़ुद्धविशारदाः |  ३१   क
अभिद्रवत मा भैष्ट न वः प्राप्स्यति सात्यकिः ||  ३१   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति