menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ९७
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
विशस्त्रकवचा रुग्णास्तत्र तत्र पतन्ति च |  ४८   क
न शक्नुवन्ति यन्तारः संय़न्तुं तुमुले हय़ान् ||  ४८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति