आदि पर्व  अध्याय ९८

भीष्म उवाच

सोऽनुस्रोतस्तदा राजन्प्लवमान ऋषिस्ततः |  २०   क
जगाम सुवहून्देशानन्धस्तेनोडुपेन ह ||  २०   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति