menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय १८१
chevron_left
chevron_right
मार्कण्डेय़ उवाच
कृत्वैव कर्माणि महान्ति शूरा; स्तपोदमाचारविहारशीलाः |  ४०   क
देवानृषीन्प्रेतगणांश्च सर्वा; न्सन्तर्पय़ित्वा विधिना परेण ||  ४०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति