menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ९८
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
यावत्फल्गुननाराचा निर्मुक्तोरगसंनिभाः |  १५   क
नाविशन्ति शरीरं ते तावत्संशाम्य पाण्डवैः ||  १५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति